Assam Floods 2026: असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्य के सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात, राहत और बचाव कार्यों को लेकर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने में जुटी है। PM मोदी की समीक्षा बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। कई इलाकों में हालात गंभीर असम के कई जिलों में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ रहा है। शिवसागर जिले के नौजान गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। सड़कों के जलमग्न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने, भोजन और पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने का काम जारी है। विधायकों ने बढ़ाया मदद का हाथ बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए असम के विधायकों ने बड़ा फैसला लिया है। रायजोर दल को छोड़कर अन्य विधायकों ने अपना एक महीने का वेतन राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए दान करने का ऐलान किया है। असम विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने भी एक महीने का वेतन देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन भी अपना वेतन राहत कार्यों के लिए देंगे। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय के कर्मचारी एक दिन का वेतन दान करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने बताया कि भाजपा के सभी विधायक भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र विधायक शेरमन अली अहमद ने भी इस पहल में शामिल होने का ऐलान किया है। वायुसेना ने संभाला मोर्चा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है। खराब मौसम और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना के हेलीकॉप्टर दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं। वायुसेना के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में हेलीकॉप्टरों की मदद से 458 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में हवाई मार्ग से 9 टन से ज्यादा जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। फिलहाल असम में 631 गांव जलमग्न हैं। राहत शिविरों और वितरण केंद्रों के जरिए करीब 28,700 लोगों को आश्रय दिया गया है। प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियां लगातार हालात सुधारने में जुटी हुई हैं। ये भी पढ़ें: UP पुलिस में बड़ा फेरबदल! 15 IPS अधिकारियों के तबादले, लखनऊ-प्रयागराज को मिले नए पुलिस कमिश्नर